Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.268.34: यज्ञ वेदों के ब्राह्मण भाग से प्रकट हुआ है। वह यज्ञ केवल ब्राह्मणों को ही दिया जाता है। सारा संसार यज्ञ के पीछे है और यज्ञ सदैव संसार के पीछे रहता है। 34॥ | mahabharat अध्याय 12.268: स्यूमरश्मि और कपिलका संवाद—स्यूमरश्मिके द्वारा यज्ञकी अवश्यकर्तव्यताका निरूपण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यज्ञ वेदों के ब्राह्मण भाग से प्रकट हुआ है। वह यज्ञ केवल ब्राह्मणों को ही दिया जाता है। सारा संसार यज्ञ के पीछे है और यज्ञ सदैव संसार के पीछे रहता है। 34॥
Yagya has appeared from the Brahmin part of the Vedas. That yagya is offered only to Brahmins. The whole world is behind Yagya and Yagya is always behind the world. 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥