Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.268.30: ये सब वस्तुएँ यज्ञ के लिए ही बनाई गई हैं; यह श्रुतिका कथन सत्य है। पूर्वकाल में जितने भी मनुष्य हुए हैं, वे सभी इसी प्रकार यज्ञ अनुष्ठान में लगे रहे हैं। 30॥   |   mahabharat अध्याय 12.268: स्यूमरश्मि और कपिलका संवाद—स्यूमरश्मिके द्वारा यज्ञकी अवश्यकर्तव्यताका निरूपण   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 268: स्यूमरश्मि और कपिलका संवाद—स्यूमरश्मिके द्वारा यज्ञकी अवश्यकर्तव्यताका निरूपण  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  12.268.30 
यज्ञार्थानि हि सृष्टानि यथार्था श्रूयते श्रुति:।
एवं पूर्वतरा: सर्वे प्रवृत्ताश्चैव मानवा:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
ये सब वस्तुएँ यज्ञ के लिए ही बनाई गई हैं; यह श्रुतिका कथन सत्य है। पूर्वकाल में जितने भी मनुष्य हुए हैं, वे सभी इसी प्रकार यज्ञ अनुष्ठान में लगे रहे हैं। 30॥
 
All these things have been created for yagya; This Shrutika statement is true. All the human beings in the past have been engaged in the Yagya rituals in the same manner. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)