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श्री महाभारत
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पर्व 12: शान्ति पर्व
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अध्याय 268: स्यूमरश्मि और कपिलका संवाद—स्यूमरश्मिके द्वारा यज्ञकी अवश्यकर्तव्यताका निरूपण
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श्लोक 21
श्लोक
12.268.21
एतानि सह यज्ञेन प्रजापतिरकल्पयत्।
तेन प्रजापतिर्देवान् यज्ञेनायजत प्रभु:॥ २१॥
अनुवाद
भगवान प्रजापति ने यज्ञसहित इन सबकी रचना की। फिर उन प्रजापति ने स्वयं देवताओं से इन यज्ञ सामग्रियों से यज्ञ करवाया ॥21॥
Lord Prajapati created all these along with Yagya. Then that Prajapati himself made the gods perform the yagya with these yagya materials. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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