Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.268.18: स्यूमरश्मि ने कहा - 'स्वर्ग की इच्छा रखने वाले मनुष्य को यज्ञ करना चाहिए', यह श्रुति सदैव सुनी जाती है। अतः मनुष्य पहले स्वर्ग के फल की कल्पना करता है और फिर यज्ञ का अनुष्ठान आरम्भ करता है। 18॥ | mahabharat अध्याय 12.268: स्यूमरश्मि और कपिलका संवाद—स्यूमरश्मिके द्वारा यज्ञकी अवश्यकर्तव्यताका निरूपण । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स्यूमरश्मि ने कहा - 'स्वर्ग की इच्छा रखने वाले मनुष्य को यज्ञ करना चाहिए', यह श्रुति सदैव सुनी जाती है। अतः मनुष्य पहले स्वर्ग के फल की कल्पना करता है और फिर यज्ञ का अनुष्ठान आरम्भ करता है। 18॥
Syumarshmin said – 'A man who desires heaven should perform yajna', this shruti is always heard. Therefore, man first imagines the fruit of heaven and then starts the ritual of Yagya. 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥