श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 268: स्यूमरश्मि और कपिलका संवाद—स्यूमरश्मिके द्वारा यज्ञकी अवश्यकर्तव्यताका निरूपण  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.268.1 
युधिष्ठिर उवाच
अविरोधेन भूतानां योग: षाड्गुण्यकारक:।
य: स्यादुभयभाग्धर्मस्तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! आप मुझे वह योग बताइए जिससे मनुष्य प्राणियों को कष्ट पहुँचाए बिना शम-दम आदि छह गुणों को प्राप्त कर सकें और वह धर्म बताइए जिससे भोग और मोक्ष दोनों फलों की प्राप्ति हो सके।॥1॥
 
Yudhishthir asked – Grandfather! Tell me the Yoga which enables humans to attain the six qualities of Sham-Dama etc. without harming the living beings and the religion which enables them to attain both the fruits of enjoyment and salvation. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)