Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.267.3: हमने सुना है कि एक दिन सत्यवान ने देखा कि उसके पिता के आदेश पर बहुत से अपराधियों को सूली पर चढ़ाने के लिए ले जाया जा रहा है। उस समय वह अपने पिता के पास गया और कुछ ऐसा कहा जो पहले किसी ने नहीं कहा था। | mahabharat अध्याय 12.267: द्युमत्सेन और सत्यवान्का संवाद—अहिंसापूर्वक राज्यशासनकी श्रेष्ठताका कथन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हमने सुना है कि एक दिन सत्यवान ने देखा कि उसके पिता के आदेश पर बहुत से अपराधियों को सूली पर चढ़ाने के लिए ले जाया जा रहा है। उस समय वह अपने पिता के पास गया और कुछ ऐसा कहा जो पहले किसी ने नहीं कहा था।
We have heard that one day Satyavan saw that many criminals were being taken to be crucified on the orders of his father. At that time he went to his father and said something which no one had said before.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥