Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.78: वे महान तपस्वी ब्रह्मर्षि गौतम उस आश्रम में अनेक वर्षों तक रहे और अन्त में अपने पुत्र चिरकारी सहित स्वर्गलोक को चले गये। 78. | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे महान तपस्वी ब्रह्मर्षि गौतम उस आश्रम में अनेक वर्षों तक रहे और अन्त में अपने पुत्र चिरकारी सहित स्वर्गलोक को चले गये। 78.
That great ascetic Brahmarishi Gautam stayed in that hermitage for many years and finally went to heaven along with his son Chirakari. 78.
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि चिरकारिकोपाख्याने षट्षष्टॺधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २६६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें चिरकारीका उपाख्यानविषयक दो सौ छाछठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २६६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥