Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.76: बहुत समय तक विद्वानों की संगति करने, बहुत समय तक सज्जनों की सेवा करने तथा बहुत समय तक मन को वश में रखने से मनुष्य बहुत समय तक अवज्ञाकारी नहीं रहता, अपितु उसका आदर होता है ॥ 76॥ | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत समय तक विद्वानों की संगति करने, बहुत समय तक सज्जनों की सेवा करने तथा बहुत समय तक मन को वश में रखने से मनुष्य बहुत समय तक अवज्ञाकारी नहीं रहता, अपितु उसका आदर होता है ॥ 76॥
By associating with learned people for a long time, serving courteous people for a long time and keeping one's mind under control for a long time, a man is not disobedient for a long time, but rather he is respected. ॥ 76॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥