Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.74: जो मनुष्य क्रोध को बहुत समय तक दबाता है और क्रोध में किए गए कर्मों को बहुत समय तक रोके रखता है, वह ऐसा कोई कर्म नहीं करता जिससे पश्चाताप हो ॥ 74॥ | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य क्रोध को बहुत समय तक दबाता है और क्रोध में किए गए कर्मों को बहुत समय तक रोके रखता है, वह ऐसा कोई कर्म नहीं करता जिससे पश्चाताप हो ॥ 74॥
He who suppresses anger for a long time and holds back the actions performed in anger for a long time, does not perform any action that would make one repent. ॥ 74॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥