Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.73: इस प्रकार जो मनुष्य दीर्घकाल तक सब बातों पर विचार करके फिर किसी निर्णय पर पहुँचता है, उसे दीर्घकाल तक पश्चाताप नहीं करना पड़ता ॥ 73॥ | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं सर्वेषु कार्येषु विमृश्य पुरुषस्तत:।
चिरेण निश्चयं कृत्वा चिरं न परितप्यते॥ ७३॥
अनुवाद
इस प्रकार जो मनुष्य दीर्घकाल तक सब बातों पर विचार करके फिर किसी निर्णय पर पहुँचता है, उसे दीर्घकाल तक पश्चाताप नहीं करना पड़ता ॥ 73॥
In this manner, a person who after a long period of time ponders over all matters and then arrives at a decision does not have to repent for a long time. ॥ 73॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥