एवं सर्वेषु कार्येषु विमृश्य पुरुषस्तत:।
चिरेण निश्चयं कृत्वा चिरं न परितप्यते॥ ७३॥
अनुवाद
इस प्रकार जो मनुष्य दीर्घकाल तक सब बातों पर विचार करके फिर किसी निर्णय पर पहुँचता है, उसे दीर्घकाल तक पश्चाताप नहीं करना पड़ता ॥ 73॥
In this manner, a person who after a long period of time ponders over all matters and then arrives at a decision does not have to repent for a long time. ॥ 73॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)