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mahabharat 12.266.68: तत्पश्चात् विद्वान गौतम ऋषि ने कुछ गाथाएँ गाईं। दीर्घकाल तक विचार करने और कार्य करने वाले धैर्यवान पुरुषों के गुणों से संबंधित कथाएँ इस प्रकार हैं -॥ 68॥   |   mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  12.266.68 
गाथाश्चाप्यब्रवीद् विद्वान् गौतमो मुनिसत्तम:।
चिरकारिषु धीरेषु गुणोद्देशसमाश्रया:॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् विद्वान गौतम ऋषि ने कुछ गाथाएँ गाईं। दीर्घकाल तक विचार करने और कार्य करने वाले धैर्यवान पुरुषों के गुणों से संबंधित कथाएँ इस प्रकार हैं -॥ 68॥
 
Thereafter, the learned sage Gautam sang some ballads. The stories related to the qualities of patient people who think and work for a long time are as follows -॥ 68॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)