Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.54: ‘बेटा चिरकारी! तेरा कल्याण हो। चिरकारी! तेरा कल्याण हो। यदि आज भी तू अपने विलम्बित कर्म करने के स्वभाव का पालन करेगा, तभी तेरा चिरकारी नाम सफल हो सकेगा ॥ 54॥ | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
चिरकारिक भद्रं ते भद्रं ते चिरकारिक।
यद्यद्य चिरकारी त्वं ततोऽसि चिरकारिक:॥ ५४॥
अनुवाद
‘बेटा चिरकारी! तेरा कल्याण हो। चिरकारी! तेरा कल्याण हो। यदि आज भी तू अपने विलम्बित कर्म करने के स्वभाव का पालन करेगा, तभी तेरा चिरकारी नाम सफल हो सकेगा ॥ 54॥
‘Son Chirakari! May you be blessed. Chirakari! May you be blessed. If even today you follow your nature of delaying work, only then can your name Chirakari become successful. ॥ 54॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥