Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.37: पुरुष इसलिए पति कहलाता है कि वह अपनी पत्नी का पालन-पोषण करता है और पत्नी इसलिए कि वह उसका पालन-पोषण करती है। इन गुणों के अभाव में वह न तो पति है और न ही पतिव्रता॥37॥ | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरणाद्धि स्त्रियो भर्ता पालनाद्धि पतिस्तथा।
गुणस्यास्य निवृत्तौ तु न भर्ता न पुन: पति:॥ ३७॥
अनुवाद
पुरुष इसलिए पति कहलाता है कि वह अपनी पत्नी का पालन-पोषण करता है और पत्नी इसलिए कि वह उसका पालन-पोषण करती है। इन गुणों के अभाव में वह न तो पति है और न ही पतिव्रता॥37॥
‘A man is called a husband because he supports his wife and a wife because he nurtures her. In the absence of these qualities, he is neither a husband nor a husband.॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥