Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.25: ‘मुझे यह मनुष्य शरीर पाँच तत्त्वों से बना हुआ मिला है और इसकी उत्पत्ति का मुख्य कारण मेरी माता है। जैसे अग्नि की उत्पत्ति का मुख्य कारण अरणी की लकड़ी है।॥25॥ | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यो ह्ययं मयि संघातो मर्त्यत्वे पाञ्चभौतिक:।
अस्य मे जननी हेतु: पावकस्य यथारणि:॥ २५॥
अनुवाद
‘मुझे यह मनुष्य शरीर पाँच तत्त्वों से बना हुआ मिला है और इसकी उत्पत्ति का मुख्य कारण मेरी माता है। जैसे अग्नि की उत्पत्ति का मुख्य कारण अरणी की लकड़ी है।॥25॥
‘I have got this human body made of five elements and my mother is the main reason for its birth. Just like the main reason for the birth of fire is the wood of Arani.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥