Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.16: जातकर्म और उपनयन संस्कार के समय पिता द्वारा दिया गया आशीर्वाद ही पिता की महिमा का प्रमाण देने के लिए पर्याप्त और प्रबल प्रमाण है॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जातकर्मणि यत् प्राह पिता यच्चोपकर्मणि।
पर्याप्त: स दृढीकार: पितुर्गौरवनिश्चये॥ १६॥
अनुवाद
जातकर्म और उपनयन संस्कार के समय पिता द्वारा दिया गया आशीर्वाद ही पिता की महिमा का प्रमाण देने के लिए पर्याप्त और प्रबल प्रमाण है॥16॥
'The blessings given by the father at the time of Jaatkarma and Upanayanam ceremonies are sufficient and strong evidence to ascertain the glory of the father.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥