Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.266.13: पिता का अनादर करना उचित नहीं है, और साथ ही माता की रक्षा करना भी पुत्र का कर्तव्य है। ये दोनों कर्तव्य उचित और योग्य हैं। मैं इनका उल्लंघन कैसे न करूँ? | mahabharat अध्याय 12.266: महर्षि गौतम और चिरकारीका उपाख्यान—दीर्घकालतक सोच-विचारकर कार्य करनेकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिता का अनादर करना उचित नहीं है, और साथ ही माता की रक्षा करना भी पुत्र का कर्तव्य है। ये दोनों कर्तव्य उचित और योग्य हैं। मैं इनका उल्लंघन कैसे न करूँ?
‘It is not right to disrespect one's father, and at the same time it is the duty of a son to protect his mother. Both these duties are appropriate and worthy. How can I not violate them?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥