Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.265.4: जो लोग धर्म की मर्यादा से विमुख हो गए हैं, मूर्ख हैं, नास्तिक हैं, आत्मा के विषय में संदेह रखते हैं और कहीं भी प्रसिद्ध नहीं हैं, ऐसे लोगों ने हिंसा का समर्थन किया है ॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.265: राजा विचख्नुके द्वारा अहिंसा-धर्मकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग धर्म की मर्यादा से विमुख हो गए हैं, मूर्ख हैं, नास्तिक हैं, आत्मा के विषय में संदेह रखते हैं और कहीं भी प्रसिद्ध नहीं हैं, ऐसे लोगों ने हिंसा का समर्थन किया है ॥4॥
'Those who have deviated from the limits of religion, are fools, are atheists, have doubts about the soul and are not famous anywhere, such people have supported violence. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥