श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 264: जाजलिको पक्षियोंका उपदेश  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.264.1 
तुलाधार उवाच
सद्भिर्वा यदि वासद्भि: पन्थानमिममास्थितम्।
प्रत्यक्षं क्रियतां साधु ततो ज्ञास्यसि तद् यथा॥ १॥
 
 
अनुवाद
तुलाधार ने कहा, "ब्राह्मण! मैंने जो धर्म का मार्ग तुम्हें बताया है, क्या सज्जन पुरुष उस पर चलते हैं या दुष्ट पुरुष? इस बात की अच्छी तरह जाँच-पड़ताल करके सिद्ध करो। तब तुम्हें इसकी सच्चाई मालूम हो जाएगी ॥1॥
 
Tuladhar said, "Brahmin! Do the noble men or the wicked men follow the path of religion that I have shown you? Investigate this matter thoroughly and prove it. Then you will know its truth. ॥1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)