Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.263.2: वैश्यपुत्र! तुम्हें यह जानना चाहिए कि कृषि से अन्न उत्पन्न होता है, जिससे तुम भी जीवित हो। अन्न और पशु ही मनुष्य के जीवन-निर्वाह के एकमात्र साधन हैं॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 12.263: जाजलिको तुलाधारका आत्मयज्ञविषयक धर्मका उपदेश । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैश्यपुत्र! तुम्हें यह जानना चाहिए कि कृषि से अन्न उत्पन्न होता है, जिससे तुम भी जीवित हो। अन्न और पशु ही मनुष्य के जीवन-निर्वाह के एकमात्र साधन हैं॥ 2॥
Vaishyaputra! You should know that agriculture produces food grains, because of which you are also living. Food grains and animals are the only means of human survival.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥