Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.262.5: तुलाधार बोले - जाजले! जो सनातन धर्म समस्त प्राणियों के लिए हितकारी है और सबके प्रति मैत्रीभाव स्थापित करता है, जिसे सभी लोग प्राचीन धर्म के नाम से जानते हैं, उसे मैं उसके गूढ़ रहस्यों सहित जानता हूँ॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.262: जाजलि और तुलाधारका धर्मके विषयमें संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तुलाधार बोले - जाजले! जो सनातन धर्म समस्त प्राणियों के लिए हितकारी है और सबके प्रति मैत्रीभाव स्थापित करता है, जिसे सभी लोग प्राचीन धर्म के नाम से जानते हैं, उसे मैं उसके गूढ़ रहस्यों सहित जानता हूँ॥5॥
Tuladhar said - Jajale! I know that Sanatan Dharma which is beneficial for all creatures and establishes friendship towards all, which is known by everyone as the ancient Dharma, along with its deep secrets. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥