Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.262.40-41h: सूर्य, चन्द्रमा, वायु, ब्रह्मा, प्राण, यज्ञ और यमराज ये पाँचों इन्द्रिय वाले सभी प्राणियों के निवास स्थान हैं। जो लोग जीवित रहते हुए इन्हें बेचकर जीविका चलाते हैं, वे अधर्म को प्राप्त होते हैं। फिर शव बेचने वालों के विषय में क्या कहा जाए? | mahabharat अध्याय 12.262: जाजलि और तुलाधारका धर्मके विषयमें संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सूर्य, चन्द्रमा, वायु, ब्रह्मा, प्राण, यज्ञ और यमराज ये पाँचों इन्द्रिय वाले सभी प्राणियों के निवास स्थान हैं। जो लोग जीवित रहते हुए इन्हें बेचकर जीविका चलाते हैं, वे अधर्म को प्राप्त होते हैं। फिर शव बेचने वालों के विषय में क्या कहा जाए?
Sun, Moon, Vayu, Brahma, Prana, Yajna and Yamraj are the abodes of all the living beings with five senses. Those who earn their living by selling them while they are alive, attain unrighteousness. Then what can we say about those who sell dead bodies?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥