Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.262.24: मुनि! जो किसी भी प्रकार से किसी भी प्राणी से व्याकुल नहीं होता, वह समस्त प्राणियों से शाश्वत सुरक्षा प्राप्त करता है ॥24॥   |   mahabharat अध्याय 12.262: जाजलि और तुलाधारका धर्मके विषयमें संवाद   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 262: जाजलि और तुलाधारका धर्मके विषयमें संवाद  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  12.262.24 
यस्मान्नोद्विजते भूतं जातु किंचित् कथंचन।
अभयं सर्वभूतेभ्य: स प्राप्नोति सदा मुने॥ २४॥
 
 
अनुवाद
मुनि! जो किसी भी प्रकार से किसी भी प्राणी से व्याकुल नहीं होता, वह समस्त प्राणियों से शाश्वत सुरक्षा प्राप्त करता है ॥24॥
 
Muni! He who is never perturbed by any creature in any way, attains eternal protection from all beings. ॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)