Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.262.18: जिस प्रकार मृत्यु के मुख में जाने से सभी डरते हैं, उसी प्रकार जिस व्यक्ति का स्मरण मात्र से सभी चिंतित हो जाते हैं तथा जो बोलने में कठोर तथा दण्ड देने में कठोर है, ऐसे व्यक्ति को महान भय का सामना करना पड़ता है। | mahabharat अध्याय 12.262: जाजलि और तुलाधारका धर्मके विषयमें संवाद । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार मृत्यु के मुख में जाने से सभी डरते हैं, उसी प्रकार जिस व्यक्ति का स्मरण मात्र से सभी चिंतित हो जाते हैं तथा जो बोलने में कठोर तथा दण्ड देने में कठोर है, ऐसे व्यक्ति को महान भय का सामना करना पड़ता है।
Just as everyone is afraid of going into the mouth of death, similarly, a person whose mere mention makes everyone anxious and who is harsh in speaking and harsh in giving punishment, such a person has to face great fear.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥