Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.261.8: हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! काशी में महान् प्रसिद्ध तुलाधार रहते हैं, जो वणिक धर्म का पालन करते हैं; किन्तु वे भी ऐसी बात नहीं कह सकते, जैसी आप आज कह रहे हैं।' | mahabharat अध्याय 12.261: जाजलिकी घोर तपस्या, सिरपर जटाओंमें पक्षियोंके घोंसला बनानेसे उनका अभिमान और आकाशवाणीकी प्रेरणासे उनका तुलाधार वैश्यके पास जाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! काशी में महान् प्रसिद्ध तुलाधार रहते हैं, जो वणिक धर्म का पालन करते हैं; किन्तु वे भी ऐसी बात नहीं कह सकते, जैसी आप आज कह रहे हैं।'
'O best of the Brahmins! In Kashi lives the very famous Tuladhar, who follows the trader's religion; but even he cannot say such a thing as you are saying today.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥