Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.261.10: ऐसा कहकर दैत्यों ने महर्षि को तटवर्ती जल से बाहर ले जाकर उनसे कहा - 'द्विजश्रेष्ठ! इस मार्ग का आश्रय लेकर काशीपुरी में जाओ॥10॥ | mahabharat अध्याय 12.261: जाजलिकी घोर तपस्या, सिरपर जटाओंमें पक्षियोंके घोंसला बनानेसे उनका अभिमान और आकाशवाणीकी प्रेरणासे उनका तुलाधार वैश्यके पास जाना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा कहकर दैत्यों ने महर्षि को तटवर्ती जल से बाहर ले जाकर उनसे कहा - 'द्विजश्रेष्ठ! इस मार्ग का आश्रय लेकर काशीपुरी में जाओ॥10॥
Saying this, the demons took the great sage out of the coastal waters and said to him - 'Dwijashreshtha! Take shelter of this route and go to Kashipuri. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥