श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 259: धर्माधर्मके स्वरूपका निर्णय  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.259.1 
युधिष्ठिर उवाच
इमे वै मानवा: सर्वे धर्मं प्रति विशङ्किता:।
कोऽयं धर्म: कुतो धर्मस्तन्मे ब्रूहि पितामह॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह ! ये सभी लोग धर्म के विषय में प्रायः संशयी हैं; अतः मैं जानना चाहता हूँ कि धर्म क्या है? और इसकी उत्पत्ति कहाँ से हुई? कृपया मुझे यह बताइए॥1॥
 
Yudhishthira asked - Grandfather! All these people are generally skeptical about religion; therefore I want to know what is religion? And where did it originate from? Please tell me this.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)