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mahabharat 12.258.29: ‘यहाँ सनातन धर्म तुममें प्रवेश करेगा। मैं तथा ये सभी देवता सदैव तुम्हारे कल्याण में लगे रहेंगे।॥29॥   |   mahabharat अध्याय 12.258: मृत्युकी घोर तपस्या और प्रजापतिकी आज्ञासे उसका प्राणियोंके संहारका कार्य स्वीकार करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 258: मृत्युकी घोर तपस्या और प्रजापतिकी आज्ञासे उसका प्राणियोंके संहारका कार्य स्वीकार करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  12.258.29 
धर्म: सनातनश्च त्वामिहैवानुप्रवेक्ष्यति।
अहं च विबुधाश्चैव त्वद्धिते निरता: सदा॥ २९॥
 
 
अनुवाद
‘यहाँ सनातन धर्म तुममें प्रवेश करेगा। मैं तथा ये सभी देवता सदैव तुम्हारे कल्याण में लगे रहेंगे।॥29॥
 
‘Sanatan Dharma will enter you here. I and all these gods will always be engaged in your welfare.॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)