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mahabharat 12.258.25: तब समस्त लोकों की उत्पत्ति और संहार के कारण ब्रह्मा ने कन्या से कहा - 'पुत्री! तुम क्या कर रही हो? मेरी आज्ञा का पालन करो।'   |   mahabharat अध्याय 12.258: मृत्युकी घोर तपस्या और प्रजापतिकी आज्ञासे उसका प्राणियोंके संहारका कार्य स्वीकार करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 258: मृत्युकी घोर तपस्या और प्रजापतिकी आज्ञासे उसका प्राणियोंके संहारका कार्य स्वीकार करना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  12.258.25 
ततस्तामब्रवीत् तत्र लोकानां प्रभवाप्यय:।
किमिदं वर्तते पुत्रि क्रियतां मम तद् वच:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
तब समस्त लोकों की उत्पत्ति और संहार के कारण ब्रह्मा ने कन्या से कहा - 'पुत्री! तुम क्या कर रही हो? मेरी आज्ञा का पालन करो।'
 
Then Brahma, the cause of the creation and destruction of all the worlds, said to the girl - 'Daughter! What are you doing? Follow my orders.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)