Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.258.19-20h: पिताश्री! हे महान्! पुरुषोत्तम! फिर वह दस हज़ार पद्म वर्षों तक मृगों के साथ घूमती रही। इसके बाद बीस हज़ार वर्षों तक उसने केवल वायु का सेवन किया। | mahabharat अध्याय 12.258: मृत्युकी घोर तपस्या और प्रजापतिकी आज्ञासे उसका प्राणियोंके संहारका कार्य स्वीकार करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पिताश्री! हे महान्! पुरुषोत्तम! फिर वह दस हज़ार पद्म वर्षों तक मृगों के साथ घूमती रही। इसके बाद बीस हज़ार वर्षों तक उसने केवल वायु का सेवन किया।
Father! Great! Best of men! Then she roamed with the deer for ten thousand Padma years. After this, for twenty thousand years she ate only air. 19 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥