Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.257.6: महादेवजी बोले- हे प्रभु! विनाश के लिए क्रोधित न हों। प्रजा पर प्रसन्न रहें। ऐसा हो कि सभी सजीव और निर्जीव प्राणी नष्ट हो जाएँ।   |   mahabharat अध्याय 12.257: महादेवजीकी प्रार्थनासे ब्रह्माजीके द्वारा अपनी रोषाग्निका उपसंहार तथा मृत्युकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 257: महादेवजीकी प्रार्थनासे ब्रह्माजीके द्वारा अपनी रोषाग्निका उपसंहार तथा मृत्युकी उत्पत्ति  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  12.257.6 
स्थाणुरुवाच
संहारार्थं प्रसीदस्व मा क्रुधो विबुधेश्वर।
मा प्रजा: स्थावरं चैव जङ्गमं च व्यनीनशत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
महादेवजी बोले- हे प्रभु! विनाश के लिए क्रोधित न हों। प्रजा पर प्रसन्न रहें। ऐसा हो कि सभी सजीव और निर्जीव प्राणी नष्ट हो जाएँ।
 
Mahadevji said- O Lord! Do not be angry for the destruction. Be pleased with the people. It may happen that all living and non-living creatures are destroyed.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)