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श्लोक  12.257.4 
इयं हि मां सदा देवी भारार्ता समचोदयत्।
संहारार्थं महादेव भारेणाप्सु निमज्जति॥ ४॥
 
 
अनुवाद
महादेव! भारी बोझ से दबी यह धरती माता मुझे सदैव प्रजा का नाश करने के लिए उकसाती रही है; क्योंकि यह संसार के भार से समुद्र में डूब रही है।
 
Mahadev! This Mother Earth, burdened with heavy load, has always been inciting me to destroy the people; because she is drowning in the ocean due to the weight of the world.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)