Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.257.22: तब ब्रह्मा जी ने मनुष्यों के कल्याण के लिए मृत्यु के आंसू अपने दोनों हाथों में ले लिए और मृत्यु ने उनसे इस प्रकार प्रार्थना की। | mahabharat अध्याय 12.257: महादेवजीकी प्रार्थनासे ब्रह्माजीके द्वारा अपनी रोषाग्निका उपसंहार तथा मृत्युकी उत्पत्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब ब्रह्मा जी ने मनुष्यों के कल्याण के लिए मृत्यु के आंसू अपने दोनों हाथों में ले लिए और मृत्यु ने उनसे इस प्रकार प्रार्थना की।
Then Lord Brahma took the tears of death in both his hands for the welfare of human beings. Then death prayed to him in this manner.
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि मृत्युप्रजापतिसंवादे सप्तपञ्चाशदधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २५७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें मृत्यु और प्रजापतिका संवादविषयक दो सौ सत्तावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २५७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥