Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.257.16: उसके वस्त्र काले और लाल थे। उसकी आँखों का निचला और भीतरी भाग भी काले रंग का था। वह दिव्य कुण्डलों से दैदीप्यमान थी और अलौकिक आभूषणों से सुसज्जित थी।   |   mahabharat अध्याय 12.257: महादेवजीकी प्रार्थनासे ब्रह्माजीके द्वारा अपनी रोषाग्निका उपसंहार तथा मृत्युकी उत्पत्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 257: महादेवजीकी प्रार्थनासे ब्रह्माजीके द्वारा अपनी रोषाग्निका उपसंहार तथा मृत्युकी उत्पत्ति  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  12.257.16 
कृष्णरक्ताम्बरधरा कृष्णनेत्रतलान्तरा।
दिव्यकुण्डलसम्पन्ना दिव्याभरणभूषिता॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उसके वस्त्र काले और लाल थे। उसकी आँखों का निचला और भीतरी भाग भी काले रंग का था। वह दिव्य कुण्डलों से दैदीप्यमान थी और अलौकिक आभूषणों से सुसज्जित थी।
 
Her clothes were black and red. The lower and inner regions of the eyes were also black in colour. She was radiant with divine earrings and adorned with supernatural ornaments.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)