Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.256.5-6: जो राजा मर गए हैं, उनमें से अनेक महान पराक्रमी हैं। यहाँ मुझे संदेह हो रहा है कि उन्हें 'मृत्यु' नाम कैसे दिया गया? कौन मरता है? मृत्यु का कारण क्या है? और यहाँ मृत्यु किस कारण से सभी प्राणियों का हरण करती है? हे देवतुल्य पितामह! कृपा करके मुझे यह सब बताइए॥ 5-6॥ | mahabharat अध्याय 12.256: युधिष्ठिरका मृत्युविषयक प्रश्न, नारदजीका राजा अकम्पनसे मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाते हुए ब्रह्माजीकी रोषाग्निसे प्रजाके दग्ध होनेका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो राजा मर गए हैं, उनमें से अनेक महान पराक्रमी हैं। यहाँ मुझे संदेह हो रहा है कि उन्हें 'मृत्यु' नाम कैसे दिया गया? कौन मरता है? मृत्यु का कारण क्या है? और यहाँ मृत्यु किस कारण से सभी प्राणियों का हरण करती है? हे देवतुल्य पितामह! कृपा करके मुझे यह सब बताइए॥ 5-6॥
Among the kings who have died, many are endowed with great valour. Here I have a doubt as to how they were given the name 'mrityu' (dead). Who dies? What causes death? And for what reason does death abduct all living beings here? O godlike grandfather! Kindly tell me all this.॥ 5-6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥