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mahabharat 12.256.3: मैंने किसी अन्य योद्धा को युद्धभूमि में इन शक्तिशाली राजाओं को मारने में सक्षम नहीं देखा, क्योंकि वे सभी शक्तिशाली और प्रतापी थे।   |   mahabharat अध्याय 12.256: युधिष्ठिरका मृत्युविषयक प्रश्न, नारदजीका राजा अकम्पनसे मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाते हुए ब्रह्माजीकी रोषाग्निसे प्रजाके दग्ध होनेका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 256: युधिष्ठिरका मृत्युविषयक प्रश्न, नारदजीका राजा अकम्पनसे मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाते हुए ब्रह्माजीकी रोषाग्निसे प्रजाके दग्ध होनेका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  12.256.3 
नैषां पश्यामि हन्तारं प्राणिनां संयुगे परम्।
विक्रमेणोपसम्पन्नास्तेजोबलसमन्विता:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मैंने किसी अन्य योद्धा को युद्धभूमि में इन शक्तिशाली राजाओं को मारने में सक्षम नहीं देखा, क्योंकि वे सभी शक्तिशाली और प्रतापी थे।
 
I did not see any other warrior being able to kill these powerful kings on the battlefield because all of them were powerful and illustrious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)