Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.256.2: उनमें से प्रत्येक राजा भयानक बल से संपन्न था। प्रत्येक में दस-दस हजार हाथियों का बल था। वे सभी इस युद्धभूमि में अपने ही समान बलवान और पराक्रमी पुरुषों द्वारा मारे गए॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 12.256: युधिष्ठिरका मृत्युविषयक प्रश्न, नारदजीका राजा अकम्पनसे मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाते हुए ब्रह्माजीकी रोषाग्निसे प्रजाके दग्ध होनेका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एकैकशो भीमबला नागायुतबलास्तथा।
एते हि निहता: संख्ये तुल्यतेजोबलैर्नरै:॥ २॥
अनुवाद
उनमें से प्रत्येक राजा भयानक बल से संपन्न था। प्रत्येक में दस-दस हजार हाथियों का बल था। वे सभी इस युद्धभूमि में अपने ही समान बलवान और पराक्रमी पुरुषों द्वारा मारे गए॥ 2॥
Each of these kings was endowed with terrifying strength. Each had the strength of ten thousand elephants. All of them were killed in this battlefield by men as strong and powerful as themselves.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥