Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.256.15: हे राजन! अब ब्रह्माजी को प्रजा को मारने और उनकी संख्या कम करने की चिंता हुई। वे बहुत देर तक सोचते रहे, परन्तु प्रजा को मारने का कोई उचित कारण उन्हें नहीं सूझा।॥15॥ | mahabharat अध्याय 12.256: युधिष्ठिरका मृत्युविषयक प्रश्न, नारदजीका राजा अकम्पनसे मृत्युकी उत्पत्तिका प्रसंग सुनाते हुए ब्रह्माजीकी रोषाग्निसे प्रजाके दग्ध होनेका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन! अब ब्रह्माजी को प्रजा को मारने और उनकी संख्या कम करने की चिंता हुई। वे बहुत देर तक सोचते रहे, परन्तु प्रजा को मारने का कोई उचित कारण उन्हें नहीं सूझा।॥15॥
O King! Now Brahmaji became worried about killing the people and reducing their numbers. He kept thinking for a long time, but could not think of any reasonable reason for killing the people. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥