Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.254.9: इस शरीर को नगर कहा गया है। बुद्धि इस नगर की रानी मानी गई है और शरीर के भीतर स्थित मन ही वह मंत्री है जो बुद्धि रूपी रानी के अर्थ की प्राप्ति का चिंतन करता है।॥9॥ | mahabharat अध्याय 12.254: कामरूपी अद्भुत वृक्षका तथा उसे काटकर मुक्ति प्राप्त करनेके उपायका और शरीररूपी नगरका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस शरीर को नगर कहा गया है। बुद्धि इस नगर की रानी मानी गई है और शरीर के भीतर स्थित मन ही वह मंत्री है जो बुद्धि रूपी रानी के अर्थ की प्राप्ति का चिंतन करता है।॥9॥
This body is called a city. Intellect is considered to be the queen of this city and the mind residing within the body is the minister who thinks about the realization of the meaning of the queen of intellect.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥