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एवं यो वेद कामस्य केवलस्य निवर्तनम्।
बन्धं वै कामशास्त्रस्य स दु:खान्यतिवर्तते॥ ८॥
अनुवाद
इस प्रकार जो केवल कामनाओं की पूर्ति के साधन को जानता है और भोगों का निश्चय करने वाले शास्त्रों को बंधनकारी समझता है, वह समस्त दुःखों से परे हो जाता है ॥8॥
In this way, he who only knows the means to satisfy desires and understands that the scriptures which determine enjoyment are binding, he transcends all sorrows. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥