श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 253: स्थूल, सूक्ष्म और कारण-शरीरसे भिन्न जीवात्माका और परमात्माका योगके द्वारा साक्षात्कार करनेका प्रकार  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  12.253.13 
योगशास्त्रपरा भूत्वा तमात्मानं परीप्सव:।
अनुच्छ्वासान्यमूर्तानि यानि वज्रोपमान्यपि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
जो योगी योगविद्या में पारंगत होकर आत्मा को प्राप्त करना चाहते हैं, वे तीन प्रकार के शरीरों - जड़ स्थूल शरीर, अमूर्त सूक्ष्म शरीर और वज्र के समान बलवान कारण शरीर - को पार कर जाते हैं। ॥13॥
 
The three types of bodies - the inert gross body, the intangible subtle body and the causal body as strong as a thunderbolt - are transcended by yogis who wish to attain the Self by being well versed in the science of Yoga. ॥13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)