Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.252.2: आकाश, वायु, जल, तेज और पाँचवीं पृथ्वी तथा भाव द्रव्य अर्थात् गुण, कर्म, सामान्य, विशेष और समत्व तथा अभाव और काल (दिक्, आत्मा और मन) - ये सब पाँचों देहधारियों में स्थित हैं। 2॥ | mahabharat अध्याय 12.252: शरीरमें पञ्चभूतोंके कार्य और गुणोंकी पहचान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आकाशं मारुतो ज्योतिराप: पृथ्वी च पञ्चमी।
भावाभावौ च कालश्च सर्वभूतेषु पञ्चसु॥ २॥
अनुवाद
आकाश, वायु, जल, तेज और पाँचवीं पृथ्वी तथा भाव द्रव्य अर्थात् गुण, कर्म, सामान्य, विशेष और समत्व तथा अभाव और काल (दिक्, आत्मा और मन) - ये सब पाँचों देहधारियों में स्थित हैं। 2॥
Sky, air, water, light and the fifth earth and the feeling substance i.e. quality, action, general, special and equanimity and absence and time (dik, soul and mind) - all of them are present in all the five material embodied beings. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥