Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.251.16: जो पुरुष उत्पत्ति और संहार से रहित, पूर्ण स्वभाव वाला, संस्कारों से रहित तथा शरीर के भीतर स्थित तथा सुकृत नाम से प्रसिद्ध ब्रह्म को प्राप्त हो जाता है, वह अक्षय सुख का भागी होता है ॥16॥ | mahabharat अध्याय 12.251: ब्रह्मवेत्ता ब्राह्मणके लक्षण और परब्रह्मकी प्राप्तिका उपाय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो पुरुष उत्पत्ति और संहार से रहित, पूर्ण स्वभाव वाला, संस्कारों से रहित तथा शरीर के भीतर स्थित तथा सुकृत नाम से प्रसिद्ध ब्रह्म को प्राप्त हो जाता है, वह अक्षय सुख का भागी होता है ॥16॥
One who attains Brahma, who is free from creation and destruction, is perfect in nature, is devoid of any sanskar and is situated within the body and is known as Sukrit, he is a partaker of inexhaustible happiness. 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥