Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.250.24: बेटा! मैंने तुम्हें सभी मतों का यथार्थ रूप से वर्णन किया है। जो इन मतों का पालन करते हैं, वे मुक्त हो जाते हैं; जो नहीं करते, वे नहीं होते॥ 24॥ | mahabharat अध्याय 12.250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यथा मतानि सर्वाणि तथैतानि यथा तथा।
कथितानि मया पुत्र भवन्ति न भवन्ति च॥ २४॥
अनुवाद
बेटा! मैंने तुम्हें सभी मतों का यथार्थ रूप से वर्णन किया है। जो इन मतों का पालन करते हैं, वे मुक्त हो जाते हैं; जो नहीं करते, वे नहीं होते॥ 24॥
Son! All the different schools of thought have been explained to you by me in their true form. Those who follow these schools of thought become free; those who do not, do not.॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥