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mahabharat 12.250.23: चाहे पुरुष हो या स्त्री, यदि वह इस ब्रह्म को जान ले तो उसे इस संसार में फिर जन्म नहीं लेना पड़ेगा। यह ब्रह्मज्ञान रूपी धर्म शाश्वत पद की प्राप्ति के लिए ही स्थापित किया गया है। 23॥   |   mahabharat अध्याय 12.250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  12.250.23 
नैतज्ज्ञात्वा पुमान् स्त्री वा पुनर्भवमवाप्नुते।
अभवप्रतिपत्त्यर्थमेतद् धर्मं विधीयते॥ २३॥
 
 
अनुवाद
चाहे पुरुष हो या स्त्री, यदि वह इस ब्रह्म को जान ले तो उसे इस संसार में फिर जन्म नहीं लेना पड़ेगा। यह ब्रह्मज्ञान रूपी धर्म शाश्वत पद की प्राप्ति के लिए ही स्थापित किया गया है। 23॥
 
Be it a man or a woman, if he knows this Brahma then he will not be born again in this world. This religion in the form of Brahmagyan has been established only to attain the eternal state. 23॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)