Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.250.21: आत्मा का यह गुप्त ज्ञान परम गोपनीय एवं महान है। हे पिता! मैंने जो उपदेश दिया है, वह वास्तव में मैंने अपने प्रत्यक्ष अनुभव से प्राप्त किया हुआ ज्ञान है। | mahabharat अध्याय 12.250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आत्मा का यह गुप्त ज्ञान परम गोपनीय एवं महान है। हे पिता! मैंने जो उपदेश दिया है, वह वास्तव में मैंने अपने प्रत्यक्ष अनुभव से प्राप्त किया हुआ ज्ञान है।
This secret knowledge of the soul is the most secret and great. Father! What I have preached is actually the knowledge I have gained through my own direct experience.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥