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mahabharat 12.250.19: ऐसा करने से तुम सम्पूर्ण भूतों की उत्पत्ति और विनाश को देख सकोगे। धर्मात्माओं में श्रेष्ठ बुद्धिमान मुनि इस धर्म को समस्त प्राणियों के लिए उत्तम मानते हैं। 19॥   |   mahabharat अध्याय 12.250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 250: परमात्माकी प्राप्तिका साधन, संसार-नदीका वर्णन और ज्ञानसे ब्रह्मकी प्राप्ति  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  12.250.19 
ततो द्रक्ष्यसि सर्वेषां भूतानां प्रभवाप्ययौ।
एनं वै सर्वभूतेभ्यो विशिष्टं मेनिरे बुधा:।
धर्मं धर्मभृतां श्रेष्ठा मुनयस्तत्त्वदर्शिन:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
ऐसा करने से तुम सम्पूर्ण भूतों की उत्पत्ति और विनाश को देख सकोगे। धर्मात्माओं में श्रेष्ठ बुद्धिमान मुनि इस धर्म को समस्त प्राणियों के लिए उत्तम मानते हैं। 19॥
 
By doing this you will be able to see the origin and destruction of all the ghosts. The wise sage, the best among the religious souls, considers this religion to be the best for all living beings. 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)