Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.243.24: जिस देश में प्रतिष्ठित ब्राह्मण लोग, जो एक घड़ा भरकर अन्न इकट्ठा करते हैं, अथवा 'ऊँच्छशील' विधि से (एक-एक करके अन्न इकट्ठा करना, या बालियाँ तोड़ना) अन्न इकट्ठा करते हैं और जो 'कपोती-वृत्ति' (जीविका कमाने का कौशल) अपनाते हैं, वह देश समृद्ध होता है ॥24॥ | mahabharat अध्याय 12.243: ब्राह्मणोंके उपलक्षणसे गार्हस्थ्य-धर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस देश में प्रतिष्ठित ब्राह्मण लोग, जो एक घड़ा भरकर अन्न इकट्ठा करते हैं, अथवा 'ऊँच्छशील' विधि से (एक-एक करके अन्न इकट्ठा करना, या बालियाँ तोड़ना) अन्न इकट्ठा करते हैं और जो 'कपोती-वृत्ति' (जीविका कमाने का कौशल) अपनाते हैं, वह देश समृद्ध होता है ॥24॥
The country in which the respectable Brahmins who collect grain by a pot full of it or by collecting grain by the method of 'Uñchhaśīl' (picking grain individually or picking ears of grain) and who adopt the profession of 'Kapoti-vṛti' (skill in earning a living), prospers. ॥24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥