Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.240.18-19h: योगी को चाहिए कि वह पाँचों इन्द्रियों को वश में करके उन्हें अपने मन में दृढ़तापूर्वक स्थापित करे। जब छठा मन सहित ये इन्द्रियाँ बुद्धि में स्थिर होकर प्रसन्न (स्वच्छ) हो जाती हैं, तब वह योगी ब्रह्म को प्राप्त कर लेता है। 18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.240: योगसे परमात्माकी प्राप्तिका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
योगी को चाहिए कि वह पाँचों इन्द्रियों को वश में करके उन्हें अपने मन में दृढ़तापूर्वक स्थापित करे। जब छठा मन सहित ये इन्द्रियाँ बुद्धि में स्थिर होकर प्रसन्न (स्वच्छ) हो जाती हैं, तब वह योगी ब्रह्म को प्राप्त कर लेता है। 18 1/2॥
The Yogi should control the five senses and establish them firmly in his mind. When these senses including the sixth mind become stable in the intellect and become happy (clean), then that yogi realizes Brahma. 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥