Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.24.d6: जो ज्ञानी विद्वान हों, उन्हें ही धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों में लगाना चाहिए। भूपाल! बुद्धिमान पुरुषों को चाहिए कि वे उन्हीं को अपने यहाँ नियुक्त करें जो प्रमाणों के ज्ञाता हों, न्यायशास्त्र का पालन करने वाले हों, वेदों के तत्त्वदर्शी हों और तर्कशास्त्र में पारंगत विद्वान हों। | mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यवहारेषु धर्मेषु योक्तव्याश्च बहुश्रुता:।
(प्रमाणज्ञा महीपाल न्यायशास्त्रावलम्बिन:।
वेदार्थतत्त्वविद् राजंस्तर्कशास्त्रबहुश्रुता:॥
मन्त्रे च व्यवहारे च नियोक्तव्या विजानता।
अनुवाद
जो ज्ञानी विद्वान हों, उन्हें ही धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों में लगाना चाहिए। भूपाल! बुद्धिमान पुरुषों को चाहिए कि वे उन्हीं को अपने यहाँ नियुक्त करें जो प्रमाणों के ज्ञाता हों, न्यायशास्त्र का पालन करने वाले हों, वेदों के तत्त्वदर्शी हों और तर्कशास्त्र में पारंगत विद्वान हों।
'Only those who are knowledgeable scholars should be engaged in religious and administrative work. Bhupal! The wise men should employ only those who are knowledgeable about the evidence, who follow the jurisprudence, who are philosophers of the Vedas and who are well-versed scholars in logic.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥