Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.24.9: हे कुरुश्रेष्ठ! हे नरसिंह! मैं तुम्हारी बात समझ गया। अब मेरे वचन सुनो, जिनका पालन करने से तुम धर्म से विचलित नहीं होगे॥ 9॥   |   mahabharat अध्याय 12.24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 24: व्यासजीका युधिष्ठिरको राजा हयग्रीवका चरित्र सुनाकर उन्हें राजोचित कर्तव्यका पालन करनेके लिये जोर देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.24.9 
विद्मस्ते पुरुषव्याघ्र वचनं कुरुसत्तम।
शृणुष्वैवं यथा कुर्वन् न धर्माच्च्यवसे नृप॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुश्रेष्ठ! हे नरसिंह! मैं तुम्हारी बात समझ गया। अब मेरे वचन सुनो, जिनका पालन करने से तुम धर्म से विचलित नहीं होगे॥ 9॥
 
'O best of the Kurus! O lion of men! I understand your point. Now listen to my words, by following which you will not deviate from Dharma.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)